Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
महिलायें इन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से पहचानें कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ है बà¥à¤²à¥‰à¤• टà¥à¤¯à¥‚ब की समसà¥à¤¯à¤¾
इस बीमारी का पता लगाने का à¤à¤• ही तरीका है कि आप नियमित अंतराल पर अपना चेकअप करवाती रहें!
बà¥à¤²à¥‰à¤• टà¥à¤¯à¥‚ब की समसà¥à¤¯à¤¾ के बारे में बहà¥à¤¤ ही कम महिलाओं को पता होता है जबकि यह à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ है। आंकड़ों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° लगà¤à¤— 28% महिलायें बà¥à¤²à¥‰à¤• टà¥à¤¯à¥‚ब की समसà¥à¤¯à¤¾ की वजह से माठनहीं बन पाती हैं। अगर आपको अà¤à¥€ तक यह नहीं पता कि बà¥à¤²à¥‰à¤• टà¥à¤¯à¥‚ब की समसà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ है? तो जान लें कि इस समसà¥à¤¯à¤¾ के होने पर फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब बà¥à¤²à¥‰à¤• हो जाती है जिससे à¤à¤— और सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® आपस में मिल नहीं पाते हैं और पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम हो जाती है।
बà¥à¤²à¥‰à¤• टà¥à¤¯à¥‚ब के लकà¥à¤·à¤£ : थाणे सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ कोकून फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ की को फाउंडर डॉ. अनघा करà¥à¤–ानिस बताती हैं कि इस बीमारी से जà¥à¥œà¥€ सबसे खराब बात यह है कि इसके कोई लकà¥à¤·à¤£ ही नहीं दिखते हैं। बस इतना है कि टà¥à¤¯à¥‚ब बà¥à¤²à¥‰à¤• होने की वजह से आप बचà¥à¤šà¥‡ नहीं पैदा कर सकती हैं। इसलिठअगर कई पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ के बाद à¤à¥€ आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट नहीं हो पा रही हैं तो अपनी जांच ज़रूर कराà¤à¤‚।
जो महिलायें इस बीमारी से पीड़ित रहती हैं उनके पीरियडà¥à¤¸ में à¤à¥€ कोई समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होती है तो इस वजह से बà¥à¤²à¥‰à¤• टà¥à¤¯à¥‚ब का पता लगाना और मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है। अगर महिला à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ से पीड़ित है जो कि बà¥à¤²à¥‰à¤• टà¥à¤¯à¥‚ब होने के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारणों में से à¤à¤• है तो इसमें आपको लकà¥à¤·à¤£ दिख सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में महिला को पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ महसूस होने लगता है। इस लिहाज से यह कहा जा सकता है कि पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ होना बà¥à¤²à¥‰à¤• टà¥à¤¯à¥‚ब का लकà¥à¤·à¤£ है।
इसके अलावा पीरियडà¥à¤¸ के दौरान तेज दरà¥à¤¦ होना या फिर सेकà¥à¤¸ करते समय दरà¥à¤¦ होना à¤à¥€ à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ और पेलà¥à¤µà¤¿à¤• इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ डिजीज के लकà¥à¤·à¤£ हैं। इसलिठअगर आपको à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› महसूस हो तो हो सकता है कि आपको à¤à¥€ बà¥à¤²à¥‰à¤• टà¥à¤¯à¥‚ब की समसà¥à¤¯à¤¾ हो। à¤à¤¸à¥‡ में तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह लें।
यह सच है कि जब तक आप जांच नहीं करवायेंगी आपको ये नहीं पता चल सकता है कि आप बà¥à¤²à¥‰à¤• टà¥à¤¯à¥‚ब की समसà¥à¤¯à¤¾ से परेशान है। यही कारण है कि सिरà¥à¤« वही महिलायें इस बीमारी का पता लगा पाती हैं जो कई पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ के बावजूद गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ नहीं हो पाती हैं। बेहतर होगा कि आप समय रहते अपना चेकअप करवाà¤à¤‚ और इस समसà¥à¤¯à¤¾ से निजात पायें। इसके चेकअप के लिठà¤à¤¸à¤à¤¸à¤œà¥€, à¤à¤šà¤à¤¸à¤œà¥€ और लेपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपी करवानी पड़ती है।
| --------------------------- | --------------------------- |